हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण का मतदान शनिवार को शुरू हो गया। सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया जारी है, जो दोपहर 3 बजे तक चलेगी। इस चरण में राज्य की 1,189 ग्राम पंचायतों में विभिन्न पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अंतिम चरण में करीब 17 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए प्रदेशभर में हजारों मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह से ही मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है।
इस चरण में कुल 6,615 वार्डों में मतदान कराया जा रहा है। मतदाता ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के अलावा पंचायत समिति और जिला परिषद प्रतिनिधियों का भी चुनाव कर रहे हैं। ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन के लिहाज से इन चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मतदान संपन्न होने के बाद पंचायत स्तर के पदों की मतगणना शुरू कर दी जाएगी और अधिकांश परिणाम देर शाम तक आने की संभावना है। वहीं पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए डाले गए वोटों की गिनती 31 मई को होगी। इसी दिन राज्य के चार नगर निगमों के चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पहले दो चरणों में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था और कई क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत 75 फीसदी से अधिक दर्ज किया गया था। इसी को देखते हुए अंतिम चरण में भी भारी मतदान की उम्मीद जताई जा रही है।
तीसरे चरण के मतदान के साथ ही हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाएगी। अब सभी की निगाहें 31 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की ग्रामीण और स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।


