इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने अपनी बल्लेबाजी में किए गए बदलाव का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि टी20 सीरीज में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने वनडे मुकाबलों के लिए अपनी रणनीति बदली और टाइमिंग पर ज्यादा ध्यान दिया।
पहले वनडे में अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9.5 ओवर में 4 विकेट हासिल किए और इसके बाद बल्लेबाजी में 52 गेंदों पर नाबाद 57 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
अक्षर ने बताया कि टी20 मुकाबलों में वह बड़े शॉट लगाने के प्रयास में कई बार अपनी लय खो रहे थे। उन्होंने कहा कि वनडे में उन्होंने आक्रामकता के बजाय सही समय पर शॉट खेलने और परिस्थितियों को समझने पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने कहा कि डेथ ओवरों में बल्लेबाजी करते समय बड़े शॉट लगाने की जरूरत होती है, लेकिन इस दौरान कई बार बल्लेबाज जल्दबाजी कर देता है। वनडे में उनके पास समय था, इसलिए उन्होंने गेंद को जोर से मारने की बजाय अपनी टाइमिंग और शॉट चयन पर भरोसा किया।
अक्षर ने यह भी कहा कि ऐसी पिचों पर बल्लेबाज को क्रीज पर कुछ समय बिताना जरूरी होता है। शुरुआत में परिस्थितियों को समझने के बाद ही बड़े शॉट खेलने चाहिए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय धैर्य, आत्मविश्वास और रणनीति पर अमल करने को दिया।
कि इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अक्षर पटेल केवल 19 रन बना सके थे, लेकिन वनडे में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।


