धुरंधर: द रिवेंज (धुरंधर 2) ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में नई ऊर्जा भर दी है। दर्शकों का उत्साह इसे ब्लॉकबस्टर बना रहा है, लेकिन इसके साथ ही फिल्म को लेकर बहस भी तेज़ हो गई है।
जहां एक तरफ़ दर्शक इसकी एक्शन और स्केल की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसकी कहानी, हिंसा और संवादों को लेकर आलोचना भी सामने आ रही है। फिल्म की गूंज अब भारत से बाहर भी सुनाई दे रही है, जहां यह कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की प्रतिक्रिया
अमेरिकी अख़बार The New York Times में प्रकाशित समीक्षा में समीक्षक Nicolas Rapold ने फिल्म की अत्यधिक हिंसा पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि फिल्म में हिंसा इतनी तीव्र है कि कई बार यह दर्शकों को असहज कर सकती है।
उनके अनुसार, जहां पहली फिल्म में रणनीति और जासूसी का संतुलन था, वहीं यह सीक्वल अधिकतर बदले और लगातार हिंसक घटनाओं पर केंद्रित नजर आता है। समीक्षा में यह भी संकेत दिया गया कि फिल्म वास्तविक राजनीतिक संदर्भों को छूती है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।
अमेरिकी मनोरंजन वेबसाइट IGN में समीक्षक Siddhant Adlakha ने फिल्म को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” और “अत्यधिक लंबी” बताया। उन्होंने तकनीकी खामियों और क्लाइमेक्स की प्रस्तुति पर भी सवाल उठाए।
पश्चिमी विश्लेषकों की राय
लंदन मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर Sunny Singh के अनुसार, फिल्म 1980 के दशक की ‘हाइपर-मस्कुलिन’ एक्शन फिल्मों की याद दिलाती है, लेकिन इसमें आधुनिक राष्ट्रवाद का प्रभाव भी शामिल है। उनका मानना है कि ऐसी फिल्में दर्शकों को एक ऐसी कल्पनात्मक दुनिया में ले जाती हैं, जहां शक्ति और बदले की भावना प्रमुख होती है।
खाड़ी और अन्य समीक्षाएं
यूएई के Gulf News में प्रकाशित समीक्षा में कहानी के कुछ हिस्सों को “अतिरंजित” और “कम प्रभावी” बताया गया। वहीं अन्य अंतरराष्ट्रीय समीक्षकों ने फिल्म की सिनेमैटोग्राफी की तारीफ की, लेकिन हिंसा और संवादों को लेकर आलोचना जारी रखी।
बॉक्स ऑफिस बनाम आलोचना
दिलचस्प बात यह है कि आलोचनाओं के बावजूद धुरंधर फ्रेंचाइज़ी की लोकप्रियता में कमी नहीं आई है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में शानदार ओपनिंग की और कई रिकॉर्ड तोड़े।
