राजधानी लखनऊ में सोमवार को केंद्रीय बजट 2026 को लेकर आयोजित चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश की लगभग 25 करोड़ आबादी गरीबी रेखा से ऊपर उठी है। साथ ही भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में तेजी से उभरा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश के लिए अपार संभावनाएं लेकर आया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया।
सीएम योगी ने कहा कि बजट में रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह बजट आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और नागरिकों को उनके मूल कर्तव्यों की ओर प्रेरित करता है। इसमें किसान, युवा, महिलाएं और गरीब सभी वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति इस बजट में हुई है।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूनिट्स हैं, ऐसे में यह बजट ओडीओपी (एक जनपद, एक उत्पाद) योजना के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इससे उद्योगों को डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात में सहायता मिलेगी।
बिंदुओं में समझिए सीएम योगी की प्रेस वार्ता की प्रमुख बातें:
- बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल को तेजी से आगे बढ़ाया गया है।
- पिछले वर्ष कामकाजी महिलाओं के लिए सात हॉस्टल स्वीकृत हुए थे, इस बार प्रत्येक जिले में हॉस्टल दिए जाने के लिए केंद्र सरकार का आभार।
- छात्रावास निर्माण को नई गति मिलेगी।
- पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को छुएगा।
- माघ मेले का एक चरण पूर्ण हुआ; सरकार सुविधाएं देती है तो श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं।
- मकर संक्रांति पर 2.5 करोड़, मौनी अमावस्या पर 4.5 करोड़, वसंत पंचमी पर 3.5 करोड़ और माघ पूर्णिमा पर 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
- उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहा है; सेमीकंडक्टर पार्क का लाभ राज्य को मिलेगा।
- 10 हजार टूरिस्ट गाइड की व्यवस्था में यूपी के प्रमुख पर्यटन केंद्र शामिल होंगे।
- देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 55% और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग का 60% उत्तर प्रदेश में होता है; लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन हो रहा है।
- राज्य की 225 अर्बन बॉडी की आबादी 5 लाख या उससे अधिक है।
- प्रदेश के 98 जिला अस्पतालों की क्षमता दोगुनी की जाएगी, ट्रॉमा सेंटर खुलेंगे और ‘गोल्डन ऑवर’ का लाभ मिलेगा।
- समर्थ योजना के तहत स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा; मेरठ में स्पोर्ट्स, आगरा व लखनऊ में लेदर क्लस्टर विकसित किए गए हैं।
- स्पोर्ट्स अकादमी, स्पोर्ट्स कॉलेज और अन्य संस्थान स्थापित होंगे।
- वित्त आयोग की हालिया रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक हिस्सेदारी मिलेगी।
- उत्तर प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
- वाराणसी में आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना होगी, जो नए हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित होगा।
- ‘शी मार्ट’ से लखपति दीदी योजना को लाभ मिलेगा।
- बजट में सड़क भी है और रफ्तार भी, शासन भी है और निर्णायक नेतृत्व भी।
- इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, हेल्थ इंफ्रा, पर्यटन, एमएसएमई और उद्योग क्षेत्र में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- इसी बजट के आधार पर फरवरी में उत्तर प्रदेश का बजट पेश किया जाएगा।
- बजट से युवा, महिलाएं और एमएसएमई सेक्टर के लोग सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।
- सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलेगा।
- बजट को पीडीए के नजरिये से देखने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले भी पीडीए था, लेकिन तब ध्यान केवल परिवार तक सीमित रहा।


