विधायक सुरेंद्र मैथानी ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान केडीए वीसी से कहा कि, हमारे विधानसभा में आवास विकास से,यह एक रफाका नाला, जो मस्वानपुर,रावतपुर से निकलते हुए, विजयनगर में गंदानाला के रूप में चलकर, शास्त्री चौक,बर्रा, तात्या टोपे नगर आदि से होते हुए आगे पांडु नदी में मिलता है, जिसकी लंबाई लगभग 09 किलोमीटर है। जिससे खुले हुए नाले के कारण से जहरीली गैस का उत्सर्जन होता है और अनजाने ही आम जनता बच्चे महिलाएं नौजवान बुजुर्ग विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों जैसे किडनी लिवर कैंसर सांस फूलना शरीर पर चकत्ते हो जाना जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में, बिना दोष के आ जाते हैं। और आने वाली पीढियां में दिव्यांगता का प्रतिशत भी इससे बढ़ सकता है।भूगर्भ जल भी भीषण रूप से प्रदूषित हो रहा है, भीषण स्वच्छता का अभाव, इस नाले के कारण से हो रहा है।और इस गंदगी के कारण से, आसपास के लोगों का जीना दूभर हो गया है।आसपास के घरों में बोरिंग से जाने वाला पेयजल, अमोनिया युक्त निकलने लगा है। अत उक्त खुले नाले को बंद करने(ढके) जाने की अति आवश्यकता है।अतः विशाल जन समुदाय के जीवन को बचाने के लिए, और उनके हित में, उक्त विशालकाय, जानलेवा, खुले रफाका नाले को, आज की एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए, पाइप लाइन से निकालते हुए, सीधे पांडव नदी में, ट्रीटमेंट उपरांत जोड़ दिया जाए।और उसके ऊपर एक सड़क मार्ग बना दिया जाए। जिससे, आम जनता और नाले के दोनों तरफ, लगभग दो-दो किलोमीटर की परिधि में रहने वाली जनता और आने वाली पीढ़ी को बड़ी राहत मिलेगी और कानपुर को जाम के कलंक से मुक्ति के प्रयास अंतर्गत, एक अतिरिक्त मार्ग भी प्राप्त हो जाएगा।जिससे ट्रैफिक का लोड भी कम तथा डाइवर्ट हो जाएगा। यह कार्य भी, ठीक उसी प्रकार से जनहित में हो जाएगा,जैसे मैंने डबल पुलिया,विजयनगर से लेकर, लोहारन भट्टा(जी टी रोड) तक नहर को पाइपलाइन के अंदर से निकालकर,उसके ऊपर सड़क मार्ग का निर्माण, मैंने मुख्यमंत्री से आग्रह करके पूर्ण कराया है। उसी तर्ज पर यह निर्माण कर दिया जाए,तो जनता बहुत राहत महसूस करेगी। और यह नया प्रयोग कानपुर के इतिहास में प्रेरणा का स्रोत बनेगा।कानपुर की 20 लाख से भी ज्यादा आबादी की जनता और आने वाली पीढ़ी भी भूगर्भ जल प्रदूषित होने, जहरीली गैस निकलने एवं प्रदूषण युक्त वातावरण जैसी तमाम, भविष्य की दुश्वारियां से मुक्त होगी। निरीक्षण के दौरान KDA बी सी को बताया कि यह रफाका नाला, सीटीआई नहर चौराहा से शास्त्री चौक चौराहा (मेट्रो स्टेशन) के पास तक स्थित, घनी बस्ती के बीचो-बीच, लगभग 600 मीटर लंबा, खुला रफाका नाला है। जिसमें एक गरीब व्यक्ति पिछले 3 महीने के पहले, फिसल कर गिर गया,और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।बाद में क्रेन से उसकी डेड बॉडी को निकलवाया गया।तथा साथ ही उक्त नाले से निकलने वाली जहरीली गैसों के कारण से,आसपास के घरों में एसी, फ्रिज,tv आदि भी नहीं चलते हैं साथ ही साथ लोग अनजानी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। 850 परिवार वहां पर आसपास ऐसे हैं जो नाले के ठीक बगल में इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट अंतर्गत, जो KDA के द्वारा ही बनाया गया था, उसमें यह लोग रहते हैं ।और आज अपने पारिवारिक जनों के साथ अपना जीवन को जीने के लिए, इस नाले के कारण से जूझ रहे हैं। जिसे शीघ्र ढकने की आवश्यकता है। यह नाला न केवल दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है, बल्कि यहाँ से निकलने वाली जहरीली गैसें और गंदगी स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। खासकर, बारिश के मौसम में इस नाले के ओवरफ्लो होने के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे यातायात में रुकावट और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।इस नाले के उक्त भाग को तो अविलंब ढकवाने की अति आवश्यकता है ताकि नागरिकों का जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रहे।
केडीए वीसी ने विधायक की मांग पर सकारात्मक जवाब दिया कि जल्द ही इसकी कार्रवाई को आगे बढ़ाकर जनहित में इसको पूर्ण करने का प्रयास करेंगे।


