वरिया जनपद के महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज में आयोजित होने वाले प्रदर्शनी मेला के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है। उनका आरोप है कि इस मेले से छात्रों का शारीरिक और शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है और यह उनके भविष्य के लिए हानिकारक है।
हाई कोर्ट ने शिक्षण संस्था के प्रांगण में और चारदीवारी के अंदर कोई भी प्रदर्शनी और मेला जैसे कार्यक्रमों पर रोक लगा दिया है, लेकिन फिर भी इस मेले को लगवाया जा रहा है। मेला माफिया महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन को मोटी रकम देकर यह प्रदर्शनी मेला लगवा लेता है।
सदर एसडीएम श्रुति शर्मा के सीयूजी नंबर पर लगातार फोन कर बात करना चाहा, लेकिन उनका कॉल नहीं उठा। तब कार्यालय के बाबू से पूछने पर पता चला कि इस मेले के आयोजन के लिए परमिशन एसडीएम श्रुति शर्मा द्वारा दिया गया है। एसडीएम कार्यालय में तैनात बाबू ने बताया कि यह कार्यक्रम अधिकारियों के आदेश पर दिया जाता है। ऐसे कार्यक्रम महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रांगण में लगता आया है, इस आधार पर यह परमिशन दिया गया है।
कॉलेज के छात्रों का शारीरिक व शिक्षण कार्य में बाधा की बात की गई तो उन्होंने बताया कि इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है, अधिकारी जानते हैं, उन्होंने परमिशन दिया है। सरकार लगातार शिक्षा और शारीरिक विकास के लिए छात्रों की तरह-तरह से सुविधा मुहैया करने के लिए करोड़ों रुपया खर्च करती है और शक्ति से अधिकारियों को पालन करने के लिए कहती है, लेकिन देवरिया की प्रशासन छात्रों के बौद्धिक और शारीरिक शिक्षा पर बाधा उत्पन्न कर क्षणिक लाभ के लिए छात्रों के भविष्य से लगातार खिलवाड़ कर रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस डिज्नीलैंड मेले के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है या मेला माफिया के सामने नतमस्तक हो जाती है।


