सीडीओ की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद शिकायत पहुंची शासन स्तर पर।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कठोर कार्रवाई की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल की प्रबंध समिति का कार्यकाल जून 2016 में समाप्त होने के बावजूद कालातीत प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने अवैध रूप से सहायक अध्यापक की कर दी नियुक्ति।
मामले की जांच में गंभीर अनियमितताएं साबित हुईं, लेकिन आरोप है कि प्रकरण डीआईओएस कार्यालय में दबा दिया गया।
शिकायत दोबारा मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद अब उच्चस्तरीय कार्रवाई की उम्मीद।
वहीं डीआईओएस विनय कुमार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जांच के लिए विशेष कमेटी गठित कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


