बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग किसी भी स्थान पर कराई जा सकती है, लेकिन शिक्षण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कैमूर जिले में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “ट्रांसफर जहां कराना है, करा लीजिए, लेकिन पढ़ाना तो पड़ेगा। बच्चों की पढ़ाई में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होगा।
अपराध पर 48 घंटे में सख्त कार्रवाई का ऐलान
मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया या महिलाओं और बेटियों के खिलाफ कोई गलत घटना हुई, तो सरकार 48 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई करेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में सहयोग शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदनों का निपटारा किया जा रहा है।
विकास योजनाओं का उद्घाटन और धार्मिक पर्यटन पर जोर
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की करीब 60 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि मां मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए हेलीपैड और रोप-वे का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को विकास योजनाओं का अधिक लाभ मिल सके।


