सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए शिवपाल यादव के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने सपा की सरकार बनने पर अपने लोगों के मुकदमे वापस लेने और आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने की बात कही थी।
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने ‘चच्चू’ को संभालना चाहिए, वरना शिवपाल यादव ही उन्हें सत्ता में आने से रोक देंगे।
‘अपने चच्चू को संभालिए अखिलेश जी’
राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मित्र अखिलेश यादव जी! जरा अपने चच्चू को संभालिए, नहीं तो वो आपको कभी सत्ता में आने नहीं देंगे।’
उन्होंने शिवपाल यादव के मुकदमे वापस लेने वाले बयान को लेकर भी सवाल उठाए। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की ओर से इस तरह के बयान कानून-व्यवस्था और राजनीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
आजम खान को गृह मंत्री बनाने के दावे पर तंज
शिवपाल यादव के आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने संबंधी बयान पर भी राजभर ने तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि ‘एक अपराधी चुनाव कैसे लड़ेगा और मंत्री कैसे बनेगा?’
राजभर ने इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले से जोड़ते हुए भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में PDA की अलग तरह से व्याख्या करते हुए शिवपाल यादव पर गंभीर आरोप लगाए।
सुभासपा कार्यालय में हमले का भी किया जिक्र
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में सुभासपा कार्यालय में हुए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने आशंका जताते हुए लिखा कि ‘ये भी हो सकता है कि मेरे दफ्तर में गुंडा भी चाचा ने भिजवाया हो, ताकि नाम आपका आ जाए।’
हालांकि, यह राजभर की ओर से जताई गई आशंका है और इसे लेकर उन्होंने कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
‘विभीषण की कहानी पढ़ लीजिए’
राजभर ने अपने हमले को आगे बढ़ाते हुए अखिलेश यादव को रामायण के पात्र विभीषण का उदाहरण भी दिया। उन्होंने लिखा, ‘अखिलेश जी, विभीषण की कहानी पढ़ लीजिए। विभीषण बहुत सीख देने वाला पात्र है।’
इसके बाद राजभर ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि ‘कलयुग के रावण की लंका में आग भी लगेगी और जरिया विभीषण ही बनेगा।’
राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और सुभासपा के बीच जुबानी जंग और तेज होने के संकेत हैं। शिवपाल यादव के बयान और उस पर राजभर की प्रतिक्रिया ने आगामी राजनीतिक माहौल में एक नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है।


