यूपी में युवाओं को मिलेगा इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण, 75 जिलों तक विस्तार की तैयारी

shikha verma
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उत्तर प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित करने और उन्हें रोजगार व अप्रेंटिसशिप के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है।

इस साझेदारी का उद्देश्य युवाओं के प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना, इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट लिंकेज को मजबूत करना और प्रशिक्षित युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट और इंडस्ट्री एक्सपोजर के अवसर बढ़ाना है।

उद्योगों की जरूरत के अनुसार होगा प्रशिक्षण

एमओयू के तहत आईआईए के क्षेत्रीय चैप्टर प्रमुखों को जिलों में कार्यरत जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (DPMU) से जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय उद्योगों और कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।

यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक पुलकित खरे के मुताबिक, प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए उद्योगों की ओर से आवश्यक रॉ मैटेरियल प्रशिक्षण केंद्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षार्थी उद्योग विशेषज्ञों की निगरानी में वास्तविक औद्योगिक कार्यों का अनुभव हासिल करेंगे।

उद्योग विशेषज्ञ देंगे तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग

आईआईए से जुड़े उद्यमी और तकनीकी विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्रों पर गेस्ट लेक्चर, मेंटरशिप और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।

इसके साथ ही युवाओं को कार्यस्थल पर व्यवहार, कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल्स और उद्योगों में तेजी से बदलती तकनीकी जरूरतों के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसका मकसद युवाओं को केवल प्रमाणपत्र तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक कार्यस्थल के लिए तैयार करना है।

जॉब फेयर और अप्रेंटिसशिप मेलों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

एमओयू के तहत प्रशिक्षार्थियों को रोजगार से जोड़ने के लिए आईआईए के ऑनलाइन पोर्टल iiaonline.in का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा नियमित रूप से जॉब फेयर, अप्रेंटिसशिप मेले, औद्योगिक भ्रमण और इंडस्ट्री एक्सपोजर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन गतिविधियों के जरिए युवाओं को कंपनियों, रोजगार के अवसरों और अप्रेंटिसशिप से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।

पहले चरण में इन क्षेत्रों में लागू होगी पहल

इस साझेदारी को शुरुआती चरण में लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली में लागू किया जाएगा।

सफल क्रियान्वयन और परिणामों के आधार पर इसे आगे चलकर उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों तक विस्तार देने की योजना है।

तीन साल की गैर-वित्तीय साझेदारी

UPSDM और IIA के बीच यह तीन वर्ष की गैर-वित्तीय साझेदारी है। समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी नियमित समीक्षा के लिए ज्वाइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया है।

यह समिति हर तिमाही में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट और कार्यक्रम से जुड़े अन्य परिणामों की समीक्षा करेगी।

युवाओं को उद्योग से सीधे जोड़ने पर फोकस

इस पहल के जरिए सरकार का लक्ष्य कौशल प्रशिक्षण को रोजगार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है। उद्योगों की भागीदारी से युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान ही वास्तविक कामकाज का अनुभव मिलेगा और अप्रेंटिसशिप व प्लेसमेंट के माध्यम से उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

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