उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “पहले जांच होने दीजिए, उसके बाद ही इस मुद्दे पर कुछ कहेंगे।”
बबीता सिंह चौहान बस्ती स्थित सर्किट हाउस में जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंची थीं। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं और मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए बड़ी एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा साफ नहीं होती तो सीबीआई और एसटीएफ जैसी एजेंसियों से जांच के आदेश क्यों दिए जाते।
विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप
महिला आयोग अध्यक्ष ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर राजनीति करने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर दिया जवाब
विपक्ष की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और माफी की मांग पर बबीता सिंह चौहान ने कहा कि फिलहाल जांच प्रक्रिया चल रही है और बिना जांच पूरी हुए किसी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह के भ्रम या उकसावे से बचना चाहिए और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।
छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बयान
प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस छात्रों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रदर्शन में कुछ लोग माहौल खराब करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, तो पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कार्रवाई करनी पड़ती है।
उन्होंने छात्रों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी मेहनत और भविष्य को समझती है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा।


