प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की सीमा 9 से घटाकर 4 किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ताधारी दल के नेता इसका बचाव कर रहे हैं।
जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा ने केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई देश इस स्थिति से प्रभावित हैं और सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब परिवारों के घरों में खाना पकाने की सुविधा बनी रहे।
उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी को सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए।
दूसरी ओर, विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस फैसले की आलोचना की है। RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि पहले गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई और अब उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या को कम किया जा रहा है। उन्होंने इसे गरीब और महिलाओं के हितों के खिलाफ बताया।
गौरतलब है कि उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी, जिसके तहत शुरुआत में लाभार्थियों को सालाना 12 सिलेंडर सब्सिडी पर दिए जाते थे। बाद में इसे घटाकर 9 किया गया और अब इसे 4 सिलेंडर प्रति वर्ष कर दिया गया है।
सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया है।


