दिल्ली हाई कोर्ट नाराज़, गैरहाज़िरी पर केजरीवाल-सिसोदिया के अधिकार खत्म

shikha verma
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नई दिल्ली, 5 मई 2026 – दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने तीनों नेताओं के जवाब दाखिल करने के अधिकार को समाप्त कर दिया है।

मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि मामले के ये तीनों प्रमुख पक्षकार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने उनकी गैर-हाजिरी को गंभीरता से लिया और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब यदि उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल किया जाता है, तो उसे रिकॉर्ड पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्णय लिया कि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एक एमिकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) नियुक्त किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि अदालत को कानूनी सहायता मिल सके और प्रक्रिया बाधित न हो।

यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती देने से जुड़ा है, जिसमें इन नेताओं को आरोपमुक्त किया गया था। सीबीआई ने इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसके चलते यह मामला अब फिर से कानूनी जांच के दायरे में है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया में अनुशासन और उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मामले की अगली सुनवाई 8 मई 2026 को निर्धारित की गई है, जहां आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। यह मामला पहले से ही राजनीतिक और कानूनी हलकों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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