उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू करते हुए कहा कि वह अपने आगामी पोस्टों में सपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न घटनाक्रमों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को सामने रखेंगे।
इसी क्रम में राजभर ने “सपा की जातीय हिंसा : पार्ट-2” शीर्षक से एक पोस्ट साझा किया। पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक तनाव बढ़ा तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में कई स्थानों पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं तथा पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में असफल रही।
राजभर ने अपने पोस्ट में अंबेडकरनगर से जुड़ी एक आगजनी की घटना का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा के चलते एक पूर्व बसपा नेता की राइस मिल को आग के हवाले कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
पोस्ट के अंत में राजभर ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी दोबारा सत्ता में आती है तो उत्तर प्रदेश की स्थिति पश्चिम बंगाल जैसी हो सकती है। यह उनका राजनीतिक आरोप और मत है।
समाचार लिखे जाने तक समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में अब सभी की नजर सपा की संभावित प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।


