उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र को 6 अगस्त तक चलना था, लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायकों के बीच जारी विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
5 अगस्त को दोपहर करीब 1:25 बजे विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इससे पहले सरकार ने हंगामे के बीच कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे कराए। इसी दौरान संभल हिंसा से जुड़ी रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश की गई।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए विधायकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने की बात कही, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी विधायकों का विरोध जारी रहा।
सपा विधायक अपनी मांगों को लेकर वेल में पहुंचकर प्रदर्शन करते रहे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और अंत में इसे स्थगित करना पड़ा।


