राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने संसद के मानसून सत्र में लगातार हो रहे व्यवधान को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से संसद की गरिमा बनाए रखने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की।
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि पिछले दो सप्ताह से संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है, जिसके कारण जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही पर करदाताओं का पैसा खर्च होता है और इसका उपयोग जनहित के मुद्दों पर बहस के लिए होना चाहिए।
सांसदों की जिम्मेदारी जनता के मुद्दे उठाना
मालीवाल ने कहा कि सांसद देश के अलग-अलग हिस्सों से जनता की समस्याओं और उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करने संसद पहुंचते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सदन में सार्थक चर्चा करें और लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाएं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपने सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए संसदीय माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए मुद्दों को मजबूती से रखा जा सकता है।
विरोध का अधिकार, लेकिन संसद चलना भी जरूरी
राज्यसभा सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना जरूरी है और सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का कर्तव्य है। हालांकि, लगातार हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बाधित होना उचित नहीं है।
उन्होंने अपील की कि सभी दल मिलकर संसद की गरिमा बनाए रखें और जनता के हित से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए सदन को सुचारु रूप से चलने दें।


