पूर्व सांसद आनंद मोहन ने एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह जो भी बोलते हैं, “सोच-समझकर और तौलकर बोलते हैं।”
आनंद मोहन ने कहा, “जो लोग वीडियो काटकर चला रहे हैं, उनसे सावधान रहना चाहिए। मैं जो कहता हूं, उसमें बाद में बदलने की कोई गुंजाइश नहीं होती।”
जेडीयू और नीतीश कुमार पर टिप्पणी
आनंद मोहन ने कहा कि कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की “जीवन भर की तपस्या पर पानी फेर दिया।” उन्होंने कहा कि बिहार पीपुल्स पार्टी और समता पार्टी के विलय के बाद जेडीयू बनी थी, लेकिन अब पार्टी की दिशा बदल चुकी है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जिन्हें जेडीयू छोड़ना है, वो छोड़ें।”
नई पार्टी बनाने के सवाल पर क्या बोले?
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वे नई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं, तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय शायरी के अंदाज़ में कहा:
“वक्त आने दे तुझे बता देंगे ऐ आसमां,
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है।”
उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में नए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
‘उप मुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री’
अपने बेटे चेतन आनंद को मंत्री स्तर का दर्जा मिलने के सवाल पर आनंद मोहन ने व्यंग्य करते हुए कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं, उप मुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री… मंत्री क्या होता है?”
टिकट वितरण पर उठाए सवाल
आनंद मोहन ने जेडीयू में टिकट वितरण को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “22 लोगों को पहले टिकट दिया गया और बाद में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।”
उन्होंने मीडिया से कहा कि पार्टी की स्थिति और अंदरूनी हालात सभी जानते हैं।
चेतन आनंद और लवली आनंद पर सस्पेंस
जब उनसे पूछा गया कि उनके बेटे चेतन आनंद और पत्नी लवली आनंद का राजनीतिक रुख क्या होगा, तो उन्होंने कहा, “इंतजार करिए, सब समय आने पर पता चल जाएगा।”
गौरतलब है कि चेतन आनंद जेडीयू विधायक हैं, जबकि लवली आनंद जेडीयू की सांसद हैं। हाल ही में चेतन आनंद को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति का सदस्य भी बनाया गया है।
आनंद मोहन के लगातार आक्रामक बयानों से बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।


