लखनऊ में जारी भीषण बिजली संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती, बढ़ती शिकायतों और जनता के विरोध को ध्यान में रखते हुए दूसरे जिलों से कुल 44 अधिशासी अभियंताओं को लखनऊ के विभिन्न बिजली उपकेंद्रों पर तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ में पिछले कुछ समय से बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, जिसके कारण कई इलाकों में लंबे समय तक कटौती की समस्या बनी हुई थी। इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार और बिजली विभाग पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे।
सरकारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह निर्णय प्रशासनिक आवश्यकता के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करना, उपकेंद्रों के संचालन में सुधार लाना और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाना है। आदेश के तहत अलग-अलग जिलों में तैनात अधिशासी अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से लखनऊ के चिन्हित उपकेंद्रों पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि अनुभवी अभियंताओं की अतिरिक्त तैनाती से उपकेंद्रों की निगरानी बेहतर होगी और तकनीकी समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकेगा। इससे बिजली आपूर्ति में सुधार आने और कटौती की समस्या कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल लखनऊ में बिजली संकट को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है और स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।


