पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अकाल तख्त द्वारा उन्हें कथित धार्मिक कदाचार का दोषी ठहराए जाने के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के बाद मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह जाता।
रंधावा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी सवाल किया है कि क्या वे भगवंत मान से इस्तीफा मांगेंगे या फिर इस मुद्दे पर चुप रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि पार्टी अकाल तख्त साहिब की भावनाओं के साथ खड़ी है या सत्ता की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।
इस बीच कांग्रेस ने भी आरोप लगाया है कि कथित विवादित मामले के बाद भगवंत मान को पद छोड़ देना चाहिए। पार्टी का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने एक कथित वायरल वीडियो के आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को धार्मिक कदाचार का दोषी बताया है। इसके बाद अकाल तख्त ने सिख समुदाय से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री से धार्मिक और सामाजिक दूरी बनाए रखें।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि पंजाब के सभी सिख विधायक और मंत्रिमंडल के सदस्य 29 जून को अकाल तख्त के समक्ष पेश हों। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है।


