मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना और राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले आपदा राहत के लिए आने वाली धनराशि और राहत सामग्री का लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंचता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले बाढ़ प्रभावित बच्चों को न तो दूध मिल पाता था और न ही गर्म भोजन, जबकि अब प्रभावित परिवारों को जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अच्छी सरकार अच्छी योजनाएं लाती है और लूट पर रोक लगाती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले राहत के लिए आने वाले संसाधनों का दुरुपयोग होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली आपदा राहत निधि का इस्तेमाल अब प्रभावित लोगों की सहायता के लिए किया जा रहा है।
बाढ़ पीड़ितों से मिले सीएम योगी
राहत सामग्री वितरण के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
‘पहले 40-45 जिले होते थे प्रभावित, अब 14 जिलों में बाढ़’
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब एक दशक पहले उत्तर प्रदेश के 40 से 45 जिले बाढ़ की चपेट में आते थे, जबकि इस वर्ष 14 जिलों में बाढ़ का असर सामने आया है। उन्होंने वाराणसी में वरुणा नदी से होने वाले जलभराव का जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों के परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान वाराणसी में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, घाटों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी में विकास के साथ बाढ़ नियंत्रण पर भी काम किया गया है।
567 परिवार बाढ़ से प्रभावित
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी में बाढ़ से 567 परिवार प्रभावित हुए हैं। आपदा राहत निधि के तहत प्रभावित परिवारों को खानपान और दैनिक जरूरतों से जुड़ी 36 वस्तुओं वाली राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में रखा जाएगा। इसके अलावा बाढ़ के बाद संक्रमण और बीमारियों की रोकथाम के लिए मेडिकल कैंप भी लगाए जाएंगे।
फसल नुकसान का सर्वे, किसानों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, बाढ़ के कारण मकान क्षतिग्रस्त होने पर प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाएगी।
‘किसी पीड़ित परिवार को सहायता से वंचित नहीं रहने देंगे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास के हर चरण में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो और कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।


