उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार का राहत और बचाव अभियान लगातार तेज गति से चल रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, प्रदेश के प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब तक 19,454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि प्रभावित परिवारों के बीच 5.94 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.03 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 2,075 नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
37 जिले बाढ़ से प्रभावित
प्रशासन के मुताबिक प्रदेश में अब तक 37 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि फिलहाल 25 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
रविवार को ही 8,264 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
2,075 नाव और मोटरबोट से राहत अभियान
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत दलों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर नाव और मोटरबोट तैनात की गई हैं। अब तक 2,075 नाव एवं मोटरबोट के जरिए प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।
भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर खाद्य सामग्री का वितरण किया गया है। अब तक 5.94 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.03 लाख से ज्यादा राहत किट बांटी जा चुकी हैं। रविवार को भी 63,955 लंच पैकेट और 11,249 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी सरकार का फोकस
बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों और संक्रमण की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 1,072 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 6.47 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2.49 लाख से ज्यादा ORS पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर नजर बनाए हुए हैं।
1,315 बाढ़ शरणालयों में प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रदेश में अब तक 1,315 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इन शरणालयों में वर्तमान में 6,698 लोग रह रहे हैं। यहां प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार अब तक बाढ़ के कारण किसी व्यक्ति या पशु की जनहानि दर्ज नहीं हुई है। वहीं, बाढ़ से 1,272 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 1,002 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
इन जिलों में बाढ़ का असर
अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी में बाढ़ का प्रभाव बताया गया है।
सरकार और जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रही हैं। प्रशासन का जोर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ भोजन, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।


