प्रितम लोधी, जो मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक हैं, अपने एक कथित बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने एक पुलिस अधिकारी (SDOP) को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि यदि 5 दिन में माफी नहीं मांगी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद उस घटना से जुड़ा है, जिसमें विधायक के बेटे दिनेश लोधी की थार गाड़ी से पांच लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर विधायक ने SDOP को कथित तौर पर धमकी दी।
आरोप है कि विधायक ने कहा—
“5 दिन में माफी मांगो, नहीं तो 10 हजार लोगों के साथ आकर घर गोबर से भरवा दूंगा।”
पुलिस पर दबाव और बयानबाज़ी
बताया जा रहा है कि विधायक ने पुलिस अधिकारी से यह भी सवाल किया कि क्या उनके खिलाफ कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर हो रही है।
इस बयान के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए विधायक के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि घटना से जुड़े मामले की जांच जारी है। आरोपी दिनेश लोधी से पूछताछ की गई है और वाहन में अवैध हूटर व काली फिल्म पाए जाने पर चालान भी किया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

