उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके तहत अब आम नागरिक, परिवार, ट्रस्ट, शैक्षणिक संस्थान और निजी संगठन भी अपने म्यूजियम स्थापित कर सकेंगे।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन म्यूजियम’ (ODOM) की रूपरेखा पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश के हर जिले में संग्रहालयों की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार करना है, जिससे युवाओं को अपनी विरासत और इतिहास से जोड़ा जा सके।
निजी म्यूजियम को मिलेगा बढ़ावा
नई नीति के तहत ऐसे म्यूजियम को पर्यटन इकाई का दर्जा दिया जाएगा, जिनमें कम से कम 5,000 वर्ग फीट का प्रदर्शनी क्षेत्र और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निजी भूमि या लीज पर भी संग्रहालय स्थापित किए जा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि कई परिवारों और संस्थानों के पास ऐतिहासिक वस्तुएं, पांडुलिपियां, दुर्लभ तस्वीरें और सांस्कृतिक धरोहर मौजूद हैं, जिन्हें अब सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए म्यूजियम के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
निवेश पर भारी सब्सिडी और छूट
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस योजना के तहत निवेशकों को आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे—
- 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक निवेश पर 25% सब्सिडी (अधिकतम ₹2 करोड़)
- 50 करोड़ तक निवेश पर 20% सब्सिडी (अधिकतम ₹7.5 करोड़)
- 200 करोड़ तक निवेश पर 15% सब्सिडी (अधिकतम ₹20 करोड़)
- 500 करोड़ तक निवेश पर 10% सब्सिडी (अधिकतम ₹25 करोड़)
- 500 करोड़ से अधिक निवेश पर भी 10% सब्सिडी (अधिकतम ₹40 करोड़)
इसके अलावा, 100% स्टांप ड्यूटी छूट, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क में राहत और विकास शुल्क में पूर्ण छूट का भी प्रावधान किया गया है। महिला, अनुसूचित जाति और जनजाति उद्यमियों को अतिरिक्त 5% सब्सिडी दी जाएगी।
‘विजिट माय स्टेट’ अभियान से मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान के तहत राज्य के संग्रहालयों में मुफ्त प्रवेश की सुविधा भी शुरू की है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


