ग्लोबल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी Intuit ने अपने वर्कफोर्स में 17% की कटौती करने का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत करीब 3000 कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित होगी। कंपनी के इस कदम को बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा बताया जा रहा है।
AI की वजह से बड़ा बदलाव
कंपनी के सीईओ Sasan Goodarzi ने कर्मचारियों को भेजे इंटरनल मेमो में कहा कि इस रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद संगठन को सरल बनाना, जटिलता कम करना और इनोवेशन की रफ्तार बढ़ाना है।
Intuit अब अपने संसाधनों को तेजी से AI-आधारित टेक्नोलॉजी की ओर शिफ्ट कर रही है। कंपनी ने हाल ही में TurboTax और QuickBooks जैसे प्लेटफॉर्म्स में AI इंटीग्रेशन के लिए OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी भी की है।
क्या AI की वजह से हो रही है छंटनी?
हालांकि कंपनी का कहना है कि यह छंटनी कर्मचारियों को AI से रिप्लेस करने के लिए नहीं की गई है, बल्कि ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए की गई एक रणनीतिक प्रक्रिया है।
प्रभावित कर्मचारियों को मिलेगा पैकेज
Reuters के अनुसार, अमेरिका में प्रभावित कर्मचारियों को 16 हफ्तों की बेसिक सैलरी दी जाएगी। इसके अलावा, कंपनी में हर साल की सेवा के लिए अतिरिक्त 2 हफ्तों की सैलरी भी दी जाएगी।
भारत पर भी असर संभव
Intuit की यह छंटनी भारत में भी असर डाल सकती है, क्योंकि कंपनी का बड़ा टेक हब बेंगलुरु में स्थित है। यहां इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और डेटा साइंस की टीमें काम करती हैं। इसके अलावा कंपनी अमेरिका के Reno और California स्थित कुछ ऑफिस भी बंद कर रही है।
इसी दिन Meta द्वारा भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा के बाद टेक इंडस्ट्री में AI के कारण नौकरी संकट को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।


