जाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य को अपराध-मुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लक्ष्य की दिशा में पुलिस लगातार काम कर रही है। इस अभियान में महिला पुलिस अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम बनती जा रही है, जो कई बड़े ऑपरेशनों का नेतृत्व कर रही हैं।
गैंगस्टर विरोधी अभियानों में महिला नेतृत्व
पंजाब पुलिस की महिला अधिकारी अब गैंगस्टर विरोधी अभियानों और विशेष ऑपरेशनों की अगुवाई कर रही हैं। ‘गैंगस्टर ते वार’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका ने पुलिसिंग को नई दिशा दी है।
इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करना है।
79 महिला अधिकारी विभिन्न पदों पर तैनात
राज्य में इस समय कुल 79 महिला अधिकारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें वरिष्ठ पदों से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक की जिम्मेदारियां शामिल हैं।
इनमें डीजीपी, एडीजीपी, आईजीपी, डीआईजी, एसएसपी और डीएसपी स्तर की अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कई अधिकारी फील्ड में सीधे ऑपरेशनों का नेतृत्व भी कर रही हैं।
महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका
महिला पुलिसकर्मी न केवल ऑपरेशनल जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग और खुफिया जानकारी जुटाने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। इससे पुलिस और जनता के बीच भरोसा भी मजबूत हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक पुलिसिंग में सफलता का आधार लिंग नहीं, बल्कि क्षमता, नेतृत्व और समन्वय है।
बड़े पैमाने पर कार्रवाई
पंजाब पुलिस के अनुसार, ‘गैंगस्टर ते वार’ अभियान के तहत अब तक:
- 59,000 से अधिक छापे मारे गए
- 21,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं
- सैकड़ों घोषित अपराधियों को पकड़ा गया
इस अभियान का उद्देश्य अपराध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना और कानून व्यवस्था मजबूत करना है।
प्रौद्योगिकी और खुफिया नेटवर्क का उपयोग
पुलिस आधुनिक तकनीक जैसे कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर डंप और डिजिटल डेटा विश्लेषण का उपयोग कर गैंगस्टर नेटवर्क को ट्रैक कर रही है। इससे अपराधियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि इन प्रयासों का मकसद केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल तैयार करना है।

