ध्वजारोहण के बाद शाम ढलते ही अयोध्या के मंदिरों से श्रीराम विवाह की भव्य बारात धूमधाम के साथ निकली। इस शोभायात्रा में भगवान राम सहित चारों भाईयों के दिव्य स्वरूप आकर्षण का केंद्र बने हुए। सैकड़ों महिलाएं नाचते-गाते हुए राम पथ पर आगे बढ़ी, जिससे पूरे मार्ग में उत्सव जैसा माहौल बन रहा।बिअहुती भवन से निकली राम बारात में आई महिलाओं ने जमकर नेतृत्व किया। हाथी, घोड़े और बड़ी संख्या में साधु-संतों ने बारात में शामिल होकर इसकी भव्यता और बढ़ा दी। ध्वजारोहण समारोह के बाद शुरू हुई इस परंपरागत बारात को लेकर अयोध्या उत्साह से सराबोर रहा। बैंड-बाजों की गूंज से शहर थम गया है और लाखों भक्त बाराती बनकर इस पवित्र विवाह उत्सव के साक्षी बन रहे।अयोध्या नगरी इन दिनों अपूर्व आनंद और भक्तिभाव से सराबोर रही। राम विवाह महोत्सव के चलते शहर में विवाह के मंगल गीत गूंज रहे। संत-महंत भगवान श्रीराम के नाम, रूप, लीला और धाम में मग्न रहे। मिथिला से आई सखियां जहां-जहाँ बारात गुज़र रही है, वहां पारंपरिक मंगल गीतों से माहौल भक्तिमय रहा।जिसमे कनक भवन, दशरथ महल, रंग महल, लक्ष्मण किला, जानकी महल ट्रस्ट, हनुमत निवास, मंत्रार्थ मंडपम, रामसखी मंदिर, गहोई मंदिर और दिव्य कला कुंज से राम बारात निकली, जिससे पूरे शहर में उत्सव का रंग छा गया।
