सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दलों से सोनम वांगचुक और उनके साथ अनशन कर रहे लोगों के समर्थन में खड़े होने की अपील की है।
शिवानंद तिवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन उपवास कर रहे सोनम वांगचुक और अन्य युवाओं को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
आरजेडी नेता ने कहा कि लंबे समय से जारी अनशन के बावजूद सरकार की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने सोनम वांगचुक की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह एक असाधारण प्रतिभा के व्यक्ति हैं, जिन्होंने विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने सोनम वांगचुक के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि लद्दाख जैसे कठिन क्षेत्रों में उन्होंने कृत्रिम हिमनद (आइस स्तूप) जैसी तकनीकों के जरिए जल संरक्षण और सिंचाई के क्षेत्र में काम किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
शिवानंद तिवारी ने अपने पोस्ट में लोकतांत्रिक संवाद और सामाजिक सौहार्द की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने सरकार से अपील की कि सोनम वांगचुक और उनके साथियों की मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर अपनी भूमिका निभाएं और सोनम वांगचुक के आंदोलन को नजरअंदाज न करें।


