बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में Pakistan national cricket team को 104 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों और फैंस ने टीम के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
यह हार सिर्फ एक खराब मैच नहीं मानी जा रही, बल्कि बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और कप्तानी समेत हर विभाग में कमजोर प्रदर्शन का नतीजा बताई जा रही है। खास बात यह है कि बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान की यह लगातार तीसरी टेस्ट हार है और बांग्लादेश की धरती पर पहली हार भी।
जुलाई 2023 में श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ जीतने के बाद से पाकिस्तान टीम विदेश में एक भी टेस्ट मैच नहीं जीत सकी है। इस दौरान टीम ऑस्ट्रेलिया में 3-0 और दक्षिण अफ्रीका में 2-0 से सीरीज़ हार चुकी है। बांग्लादेश के खिलाफ यह लगातार छठी विदेशी टेस्ट हार रही, और ये सभी हार कप्तान शान मसूद की कप्तानी में आई हैं।
पूर्व खिलाड़ियों ने जताई नाराज़गी
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर बाजिद खान ने कहा कि यह प्रदर्शन निराशाजनक जरूर है, लेकिन अप्रत्याशित नहीं। उनके मुताबिक पिछले ढाई-तीन साल से पाकिस्तान टीम खासकर विदेशों में बेहद कमजोर क्रिकेट खेल रही है।
उन्होंने कप्तानी और गेंदबाज़ी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला गलत साबित हुआ। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के पास इस समय तेज रफ्तार वाला प्रभावी गेंदबाज़ नहीं है।
पूर्व कप्तान राशिद लतीफ़ ने पाकिस्तान क्रिकेट के टेस्ट ढांचे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में पूरा फोकस टी-20 क्रिकेट पर है जबकि टेस्ट क्रिकेट लगातार कमजोर हो रहा है।
उन्होंने बांग्लादेश की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी टीम टेस्ट क्रिकेट पर गंभीरता से काम कर रही है और उनके सीनियर खिलाड़ियों ने मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई।
शाहीन अफरीदी की गेंदबाज़ी पर भी सवाल
ढाका टेस्ट में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज़ों, खासकर शाहीन अफरीदी, की गेंदबाज़ी की काफी आलोचना हुई। कई विशेषज्ञों का मानना है कि शाहीन अब पहले जैसी रफ्तार और धार नहीं दिखा पा रहे हैं।
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद वसीम ने कहा कि पाकिस्तान के तेज गेंदबाज़ों की औसत रफ्तार करीब 130 किमी प्रति घंटा रह गई है, जो अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के स्तर पर चिंता की बात है।
कप्तान शान मसूद सबसे ज्यादा निशाने पर
शान मसूद अब तक 15 टेस्ट मैचों में कप्तानी कर चुके हैं, जिनमें पाकिस्तान को 11 में हार मिली है। इसी वजह से उनकी कप्तानी लगातार सवालों के घेरे में है। पूर्व ओपनर अहमद शहजाद ने टीम मैनेजमेंट पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ अच्छी अंग्रेज़ी बोलना और अच्छा इंसान होना कप्तान बनने के लिए काफी नहीं होता। वहीं पूर्व महिला कप्तान निदा डार ने कहा कि समस्या सिर्फ पाकिस्तान के खराब खेलने की नहीं है, बल्कि बाकी टीमें उनसे कहीं आगे निकल चुकी हैं।
सोशल मीडिया पर भी फैंस ने कप्तान शान मसूद, शाहीन अफरीदी, मोहम्मद रिज़वान और अन्य सीनियर खिलाड़ियों की जमकर आलोचना की। अब पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच दूसरा टेस्ट 16 मई से सिलहट में खेला जाएगा, जहां टीम बदलाव और बेहतर प्रदर्शन के दबाव के साथ उतरेगी।


