हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जांच के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) ने फैक्ट-फाइंडिंग कमेटियों का गठन किया है।
एचपीसीसी के महासचिव (संगठन) विनोद जिंटा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये समितियां चुनाव परिणामों से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेंगी। कमेटियां स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और संबंधित क्षेत्रों की राजनीतिक परिस्थितियों का अध्ययन कर हार के कारणों का विश्लेषण करेंगी।
इन समितियों को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे संगठनात्मक सुधार और भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।
धर्मशाला नगर निगम के लिए गठित समिति में करण सिंह पठानिया को संयोजक बनाया गया है, जबकि अमित भरमौरी, यशवंत खन्ना और मनमोहन कटोच को सदस्य नियुक्त किया गया है।
मंडी नगर निगम के लिए चेत राम ठाकुर को संयोजक तथा पवन ठाकुर, हरिकृष्ण हिमराल और सत्यजीत नेगी को सदस्य बनाया गया है।
सोलन नगर निगम के लिए अमित नंदा को संयोजक नियुक्त किया गया है, जबकि चंद्रशेखर शर्मा, यशपाल तनिक और धर्मेंद्र धामी को सदस्य बनाया गया है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन रिपोर्टों के आधार पर संगठनात्मक कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।
हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंडी, धर्मशाला और सोलन में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम में सफलता हासिल कर सकी।


