हंता वायरस क्या है?
Hantavirus Infection एक ऐसा वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से चूहों और अन्य कुतरने वाले जानवरों (रोडेंट्स) से फैलता है। यह कोई एक वायरस नहीं, बल्कि वायरसों के पूरे समूह का नाम है। इसका नाम दक्षिण कोरिया की हंतान नदी पर रखा गया था।
हाल ही में अंटार्कटिका की यात्रा पर निकले क्रूज़ जहाज़ MV Hondius पर इसके संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद यह वायरस फिर चर्चा में है। जहाज़ पर कई यात्रियों में संक्रमण की पुष्टि या आशंका जताई गई है, जिनमें एक डच महिला की मौत भी हो चुकी है।
यह वायरस कैसे फैलता है?
हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों, गिलहरियों या अन्य रोडेंट्स के:
- मल
- मूत्र
- लार
के संपर्क में आने से फैलता है।
सबसे सामान्य तरीका यह है कि संक्रमित मल-मूत्र सूखकर हवा में मिल जाता है और व्यक्ति सांस के जरिए वायरस शरीर में ले लेता है।
कभी-कभी संक्रमित जानवर के काटने से भी संक्रमण हो सकता है।
क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है?
अधिकांश हंता वायरस इंसानों के बीच नहीं फैलते।
लेकिन इसका एक विशेष प्रकार — Andes Virus — सीमित रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा संक्रमण केवल:
- बहुत नज़दीकी संपर्क,
- लंबे समय तक साथ रहने,
- या संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने के दौरान
होता है। यह सामान्य फ्लू की तरह आसानी से नहीं फैलता।
हंता वायरस कितना खतरनाक है?
यह वायरस दो गंभीर बीमारियाँ पैदा कर सकता है:
1. हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS)
इसमें शुरुआती लक्षण होते हैं:
- बुखार
- थकान
- मांसपेशियों में दर्द
- सिरदर्द
- उल्टी या पेट दर्द
बाद में मरीज को गंभीर सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
कुछ मामलों में मृत्यु दर 20% से 40% तक हो सकती है।
2. हेमोरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (HFRS)
यह बीमारी किडनी पर असर डालती है और गंभीर मामलों में:
- लो ब्लड प्रेशर
- इंटरनल ब्लीडिंग
- किडनी फेलियर
का कारण बन सकती है।
क्या इसका इलाज या वैक्सीन मौजूद है?
फिलहाल हंता वायरस के लिए कोई विशेष दवा या सार्वभौमिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
हालांकि मरीजों को:
- ऑक्सीजन थेरेपी
- आईसीयू देखभाल
- वेंटिलेशन
- डायलिसिस
जैसे उपचार देकर बचाया जा सकता है, खासकर यदि बीमारी का पता शुरुआती चरण में चल जाए।
कुछ देशों जैसे China और South Korea में कुछ स्थानीय स्ट्रेन्स के खिलाफ सीमित वैक्सीन का उपयोग किया जाता है।
हालिया क्रूज़ जहाज़ मामला
MV Hondius पर 23 देशों के 146 लोग मौजूद हैं। जहाज़ अर्जेंटीना से यात्रा करते हुए कैनरी आइलैंड्स की ओर जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण संभवतः दक्षिण अमेरिका यात्रा के दौरान शुरू हुआ।
संक्रमण को रोकने के लिए:
- यात्रियों को केबिन में सीमित किया गया है
- मेडिकल जांच की जा रही है
- संक्रमित लोगों को अलग रखा गया है
विश्व स्वास्थ्य संगठन World Health Organization का कहना है कि आम जनता के लिए फिलहाल खतरा बहुत कम है।
बचाव कैसे करें?
हंता वायरस से बचने के लिए:
- चूहों और उनके मल-मूत्र से दूरी रखें
- बंद या गंदी जगह साफ करते समय मास्क पहनें
- हाथ नियमित रूप से धोएं
- घर और गोदामों को साफ रखें
- भोजन को ढककर रखें
जरूरी है।

