बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम के तहत सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वे राज्य में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उनके साथ जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
सूत्रों के अनुसार, माना जा रहा है कि विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। शपथ ग्रहण समारोह में कई प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें नीतीश कुमार भी शामिल थे।
शपथ लेने के बाद विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के भरोसे और नेतृत्व के कारण ही उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है और नई सरकार उनके विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। वहीं, बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी कहा कि वे नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
समारोह में मौजूद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए भावुकता व्यक्त की।
इस राजनीतिक बदलाव के साथ बिहार में पिछले कई वर्षों से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त माना जा रहा है।
विजय कुमार चौधरी लंबे समय से नीतीश कुमार के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं, बिजेंद्र प्रसाद यादव भी 2005 से लगातार मंत्री पद पर रहते हुए ऊर्जा और वित्त जैसे अहम विभागों का अनुभव रखते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव में जातीय समीकरणों और गठबंधन की रणनीति की भी अहम भूमिका रही है, जिसके जरिए विभिन्न सामाजिक समूहों को साधने की कोशिश की जा रही है।

