उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक बार फिर लापरवाही ने एक छात्र की जान ले ली। सेक्टर-126 स्थित एक खाली पड़े निर्माण स्थल पर पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। यह घटना हाल ही में हुई एक अन्य मौत की याद दिलाती है, जिससे प्रशासन और बिल्डरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी हर्षित भट्ट अपने तीन दोस्तों के साथ परीक्षा समाप्त होने के बाद पिकनिक मनाने पास के एक खाली निर्माण स्थल पर गया था। इसी दौरान मस्ती करते हुए हर्षित पानी से भरे गहरे गड्ढे में उतर गया। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह गड्ढा उसकी जान ले सकता है। कुछ ही देर में वह डूबने लगा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112, थाना सेक्टर-126 पुलिस और डीसीपी साद मियां खान मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से हर्षित को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके साथ मौजूद अन्य साथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन और बिल्डरों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण और निजी बिल्डरों की लापरवाही कटघरे में है। खाली पड़े निर्माण स्थलों पर खुले गहरे गड्ढे और उनमें जमा पानी लोगों के लिए मौत का जाल बनते जा रहे हैं। सवाल यह है कि पहले हुए हादसों के बाद भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

