हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर: द रिवेंज ने दर्शकों के बीच खास जगह बना ली है। रणवीर सिंह द्वारा निभाया गया जसकीरत सिंह रंगी का किरदार लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफल रहा है। फिल्म एक ऐसे युवक की यात्रा को दर्शाती है, जो व्यक्तिगत त्रासदी से निकलकर देश सेवा के रास्ते पर चलता है।
जसकीरत सिंह रंगी एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखता है और भारतीय सेना में भर्ती होने का सपना देखता है। उसका जीवन तब पूरी तरह बदल जाता है, जब एक जमीन विवाद के चलते उसके परिवार पर हमला होता है। इस घटना में उसके पिता की हत्या कर दी जाती है, एक बहन की जान चली जाती है और दूसरी बहन गंभीर अत्याचार का शिकार होती है। न्याय न मिलने पर उसका सिस्टम से विश्वास उठ जाता है और उसके भीतर बदले की भावना जन्म लेती है।
गुस्से और दर्द में जसकीरत खुद ही न्याय करने का फैसला करता है। वह आरोपियों के घर पर हमला कर 12 लोगों की हत्या कर देता है। इस घटना के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है और अदालत उसे मौत की सजा सुनाती है।
जेल में उसकी मुलाकात एक RAW अधिकारी से होती है, जिसका किरदार आर माधवन ने निभाया है। यही मुलाकात उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित होती है। उसे एक गुप्त मिशन के लिए चुना जाता है और नई पहचान दी जाती है—हमजा अली मजारी। इसके बाद उसे दुश्मन देश में जासूसी के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
फिल्म के अंत में जसकीरत अपना मिशन पूरा कर भारत लौटता है। वह अपने परिवार से मिलने जाता है, लेकिन उनसे मिले बिना ही वापस लौट जाता है। उसके लिए वह अपने परिवार की नजरों में पहले ही मर चुका होता है। अंत में उसे फिर से देश सेवा के लिए तैयार होते हुए दिखाया गया है, जो फिल्म के मुख्य संदेश “बलिदान परमो धर्म” को दर्शाता है।
यह फिल्म बदले, दर्द और देशभक्ति का ऐसा मिश्रण पेश करती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। हालांकि यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन इसकी प्रस्तुति इसे बेहद वास्तविक बना देती है।
