रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर और उसका दूसरा भाग दर्शकों के बीच काफी चर्चा में हैं। फिल्म में रणवीर एक भारतीय एजेंट का किरदार निभाते हैं, जो पाकिस्तान में “हमज़ा अली मज़ारी” नाम से रहता है।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि असल ज़िंदगी में भी रणवीर सिंह के परिवार का पाकिस्तान से गहरा संबंध रहा है।
यह कहानी शुरू होती है 1940 के दशक से, जब अविभाजित भारत के पंजाब में बर्क़ परिवार रहता था। इसी परिवार में जन्मे थे सैम्युल मार्टिन बर्क़, जो बाद में पाकिस्तान के प्रसिद्ध राजनयिक बने और कई देशों में राजदूत रहे।
उनकी बहन चांद बर्क़ थीं, जो रणवीर सिंह की दादी हैं। चांद बर्क़ लाहौर की फिल्मों में काम करती थीं और अपनी डांसिंग के लिए मशहूर थीं। बंटवारे के बाद वह मुंबई आ गईं और हिंदी फिल्मों में काम किया।
भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय सैम्युल मार्टिन बर्क़ दुविधा में थे। उन्होंने भारतीय सिविल सेवा छोड़ दी और इंग्लैंड चले गए। बाद में मुहम्मद अली जिन्ना और ज़फ़रउल्ला ख़ान के आग्रह पर उन्होंने पाकिस्तान की विदेश सेवा में योगदान दिया और लंदन में पाकिस्तान के दूतावास की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।
वहीं उनकी बहन चांद बर्क़ ने भारत में फिल्मी करियर जारी रखा। उन्हें फिल्मों में दोबारा मौका देने का श्रेय राज कपूर को जाता है। उन्होंने Boot Polish जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं।
समय के साथ परिवार अलग-अलग देशों में बस गया—कुछ ब्रिटेन, कुछ कनाडा और कुछ भारत में। इसी परिवार की अगली पीढ़ी में रणवीर सिंह बॉलीवुड के बड़े सितारे बनकर उभरे।
हालांकि सैम्युल मार्टिन बर्क़ की बेटी नोएल पारसन्स रणवीर सिंह के बारे में जानती हैं, लेकिन दोनों के बीच कभी संपर्क नहीं हुआ। यह उन परिवारों की कहानी है, जिन्हें इतिहास और सरहदों ने अलग कर दिया।
