बस्तर, छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के सामने 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के कैडरों ने जिला मुख्यालय जगदलपुर में आत्मसमर्पण किया।
आईजी सुंदरराज ने कहा कि यह दिन 11 मार्च 2026 नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में ऐतिहासिक माना जाएगा। आत्मसमर्पण करने वालों से मिली जानकारी और अन्य स्रोतों के आधार पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए 101 घातक हथियार बरामद किए, जिनमें एके-47, इंसास, एलएमजी और बीजीएल शामिल हैं।
साथ ही, एंटी-नक्सल अभियान के दौरान 1 किलो सोना और 3.61 करोड़ रुपये नगद भी बरामद किए गए। सुंदरराज ने कहा कि बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों का हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना इस बात का संकेत है कि नक्सली विचारधारा कमजोर पड़ रही है और संगठन के भीतर भी इसकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।
राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 108 कैडरों में 6 डिवीज़नल कमेटी मेंबर, 3 कंपनी प्लाटून कमांडर, 18 प्लाटून पार्टी कमेटी मेंबर, 23 एरिया कमेटी मेंबर और 56 पार्टी सदस्य शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बीजापुर से 37, दंतेवाड़ा से 30, सुकमा से 18, बस्तर से 16, नारायणपुर से 4 और कांकेर से 3 माओवादी नक्सली आत्मसमर्पण के लिए सामने आए।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है।
