बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की रहने वाली शिखा सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। शिखा की इस सफलता के बाद घर में जश्न का माहौल है और आसपास के लोग लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं।
शिखा सिंह के पिता प्रेमचंद बुलंदशहर जिले की स्याना तहसील क्षेत्र के एक सहायता प्राप्त स्कूल में पहले फोर्थ क्लास कर्मचारी थे। बाद में उन्हें प्रमोशन मिलने के बाद उसी स्कूल के दफ्तर में दफ्तरी के पद पर नियुक्ति मिली। वहीं शिखा की मां देवकी देवी पढ़ी-लिखी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी।
परिजनों के अनुसार माता-पिता ने आर्थिक सीमाओं के बावजूद बच्चों की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी और उनसे कभी घर का काम भी नहीं कराया, ताकि वे पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दे सकें।
शिखा चार बहनों और एक भाई में से एक हैं। उनका बड़ा भाई वेलनेस कोच है, जबकि उनकी दो बड़ी बहनें बिहार और बहराइच में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं शिखा की छोटी बहन भी UPSC की तैयारी कर रही है।
शिखा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से की और 12वीं पास करने के बाद बीएससी (बायोलॉजी) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उनका रुझान सिविल सेवा की तैयारी की ओर हुआ। शिखा ने अपने पिता से दिल्ली जाकर UPSC की कोचिंग करने की इच्छा जताई, जिस पर पिता ने बिना देर किए उनका दाखिला दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग संस्थान में करा दिया।
पहले प्रयास में शिखा इंटरव्यू चरण तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए 113वीं रैंक हासिल कर ली।
शिखा की इस सफलता की खबर मिलते ही पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। रिश्तेदारों और परिचितों का घर पर बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है। फिलहाल शिखा दिल्ली में हैं और अगले दो-तीन दिनों में बुलंदशहर पहुंचने वाली हैं। उनके स्वागत की तैयारियां भी जोर-शोर से की जा रही हैं।
