टेक्निकल टेक्सटाइल से मशीनरी तक, यूपी में औद्योगिक विकास की नई राह तैयार

shikha verma
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 उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल और टेक्निकल टेक्सटाइल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आयोजित यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 को उद्योग जगत ने महत्वपूर्ण पहल बताया है। कॉन्क्लेव में शामिल उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने प्रदेश में निवेश बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और कौशल विकास पर जोर दिया।

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के पास मजबूत औद्योगिक आधार, बड़ी युवा कार्यशक्ति, समृद्ध पारंपरिक टेक्सटाइल विरासत और विशाल घरेलू बाजार मौजूद है। इन क्षमताओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर प्रदेश वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभा सकता है।

टेक्निकल टेक्सटाइल का बड़ा केंद्र बन सकता है यूपी: मनोज गुप्ता

एमकेयू लिमिटेड के अध्यक्ष और रक्षा-सुरक्षा क्षेत्र के उद्योगपति मनोज गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले टेक्निकल टेक्सटाइल और हाई-परफॉर्मेंस मटीरियल के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है।

उन्होंने लखनऊ-हरदोई में विकसित किए जा रहे पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क को प्रदेश के टेक्सटाइल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके मुताबिक, रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले कई रणनीतिक मटीरियल के लिए भारत अभी भी आयात पर निर्भर है।

मनोज गुप्ता ने बताया कि उनके समूह ने कानपुर डिफेंस कॉरिडोर में करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक मटीरियल एवं साइंसेज की विनिर्माण इकाई स्थापित की है। यहां पॉली-एथिलीन आधारित हाई-परफॉर्मेंस फैब्रिक तैयार किया जाता है, जिसका इस्तेमाल बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट जैसे रक्षा उपकरणों में किया जाता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाई-परफॉर्मेंस फाइबर से लेकर तैयार उत्पाद तक पूरा इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती मिलने के साथ रक्षा क्षेत्र में आयात निर्भरता कम होगी। साथ ही नई औद्योगिक इकाइयों, निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

वैश्विक बाजार में यूपी के टेक्सटाइल की बढ़ सकती है हिस्सेदारी: रवि सैम

टेक्सप्रोसिल के वाइस चेयरमैन और साउथ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन के चेयरमैन रवि सैम ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत को लेकर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए नए बाजार और अवसर खुल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का टेक्सटाइल निर्यात लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश में इस क्षेत्र के विस्तार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कौशल विकास, क्षमता विस्तार, सस्टेनेबिलिटी, ट्रेसेबिलिटी और समयबद्ध आपूर्ति को उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी बताया।

रवि सैम के मुताबिक, टेक्सटाइल प्रोसेसिंग में आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित कर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि बनारसी वस्त्र, मिर्जापुर और भदोही के कालीन जैसे उत्पाद उत्तर प्रदेश की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत को वैश्विक पहचान दिलाते हैं। इन पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक तकनीक, निवेश और बेहतर प्रोसेसिंग सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।

टेक्सटाइल मशीनरी में आत्मनिर्भरता से घटेगी आयात निर्भरता: केतन संघवी

आईटीएमई सोसायटी और लक्ष्मी शटललेस लूम्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक केतन संघवी ने कहा कि भारत में टेक्सटाइल मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कानपुर के आसपास करीब 1,000 एकड़ में विशेष टेक्सटाइल मशीनरी पार्क विकसित करने की उत्तर प्रदेश सरकार की योजना को महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में टेक्सटाइल मशीनरी के लिए भारत की आयात निर्भरता 80 से 90 प्रतिशत तक है। ऐसे में देश में मशीनरी का उत्पादन बढ़ने से आयात कम होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी।

केतन संघवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल मशीनरी निर्माण का मजबूत इकोसिस्टम विकसित होने से मशीनरी से जुड़े सहायक उद्योगों और नए निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर मशीनरी उपलब्ध होने से टेक्सटाइल कंपनियों की उत्पादन लागत और सप्लाई में लगने वाला समय कम किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि इसी दिशा में आईटीएमई सोसायटी की ओर से दिसंबर में ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल मशीनरी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। यह प्रदर्शनी 4 से 9 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें करीब 40 देशों की कंपनियां और 3,500 से अधिक मशीनों का प्रदर्शन किया जाएगा।

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के मुताबिक, इस तरह के आयोजन उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल और टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्र में नई तकनीक, निवेश और वैश्विक सहयोग के लिए मजबूत मंच तैयार कर सकते हैं। प्रदेश की पारंपरिक टेक्सटाइल विरासत को आधुनिक विनिर्माण, मशीनरी और तकनीकी टेक्सटाइल से जोड़कर यूपी को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

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