राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज को और व्यवस्थित और मजबूत बनाने की दिशा में कदम शुरू हो गए हैं। ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा और ट्रेजरर महेश भट्ट अयोध्या पहुंचे। दोनों पदाधिकारियों ने ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरी के साथ बैठक कर मौजूदा व्यवस्थाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।
बैठक में ट्रस्ट के ट्रस्टी और वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडे भी मौजूद रहे। नए पदाधिकारियों को ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, राम मंदिर परिसर, वर्कशॉप और अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। फिलहाल उनका फोकस पूरे सिस्टम को समझने और जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से संभालने पर है।
मौजूदा नीतियों में बड़ा बदलाव नहीं
गोविंद देव गिरी के मुताबिक, ट्रस्ट की मूल नीतियों और कार्यप्रणाली में किसी बड़े बदलाव की योजना नहीं है। हालांकि, प्रशासनिक व्यवस्था को ज्यादा स्पष्ट और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की SOP, कार्यशैली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की कमी की गुंजाइश न रहे। इस दिशा में आगे की प्रक्रिया वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाई जाएगी।
वर्कशॉप और मंदिर परिसर का लिया जायजा
सुबह की बैठक के बाद नए CEO और ट्रेजरर ने ट्रस्ट की वर्कशॉप में जाकर वहां चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद राम मंदिर परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में भी उन्हें विस्तार से बताया गया। CEO की औपचारिक जॉइनिंग और आगे की जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा हुई।
धार्मिक आयोजनों को और व्यापक बनाने की तैयारी
ट्रस्ट आने वाले समय में राम मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और प्रमुख त्योहारों को भी और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है। कृष्ण जन्माष्टमी के लिए विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
इसके साथ ही श्रृंगार आरती के दौरान भक्ति गीत और पद-गान की परंपरा शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। ट्रस्ट का जोर मंदिर की धार्मिक परंपराओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर रहेगा।
चढ़ावे की चोरी के बाद भरोसा बहाली बड़ी चुनौती
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट के सामने सबसे अहम चुनौती श्रद्धालुओं और आम लोगों का भरोसा मजबूत करने की है। गोविंद देव गिरी ने माना कि इस घटना का जनता के विश्वास पर असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की प्राथमिकता व्यवस्थाओं को मजबूत करना और लोगों का विश्वास दोबारा कायम करना है। नई जिम्मेदारियों के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ट्रस्ट को उम्मीद है कि बेहतर व्यवस्था, स्पष्ट प्रक्रियाओं और मजबूत प्रशासनिक निगरानी के जरिए राम मंदिर से जुड़े कामकाज में लोगों का भरोसा पहले से और मजबूत होगा।


