Gen-Z की सोच समझने की जरूरत, दिल्ली BJP नेताओं ने युवाओं की अपेक्षाओं पर रखी बात

shikha verma
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पेपर लीक विवाद के बाद सामने आए Gen-Z आंदोलन को लेकर दिल्ली बीजेपी नेताओं ने युवाओं की सोच, उनकी मांगों और सरकार के रुख पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपनी बात खुलकर रखने में विश्वास रखती है और उसकी अपेक्षाओं को समझना जरूरी है।

राजीव बब्बर ने कहा कि पेपर लीक मामले में Gen-Z ने सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार पहले से ही इस मुद्दे को लेकर गंभीर थी, लेकिन युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सख्त कानून लागू किया गया है, जिसमें दोषियों के लिए 3 से 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली को डिजिटल बनाने, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, विशेष टास्क फोर्स गठित करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों के निपटारे जैसे कदम उठाए गए हैं।

‘आज का युवा केवल विरोध नहीं, समाधान भी चाहता है’

राजीव बब्बर ने कहा कि नई पीढ़ी की मांगों को गंभीरता से सुनना लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की कई मांगें उचित थीं और सरकार ने उन्हें स्वीकार करते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम किया।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आंदोलन में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है, लेकिन उन्हें सतर्क रहना चाहिए कि कोई बाहरी या असामाजिक तत्व आंदोलन के उद्देश्य को प्रभावित न कर सके।

विरोध का अधिकार, लेकिन कानून व्यवस्था भी जरूरी

बीजेपी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी प्रदर्शन में हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

राजीव बब्बर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आंदोलन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या पुलिसकर्मियों पर हमला किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, असंतुष्ट छात्रों से संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात भी कही गई।

Gen-Z सिर्फ नई पीढ़ी नहीं, नई सोच का प्रतीक: प्रवीण शंकर कपूर

दिल्ली बीजेपी के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि Gen-Z केवल एक आयु वर्ग नहीं, बल्कि बदलती सोच और नई ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाने के लिए पार्टी लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में युवाओं से संवाद करने का तरीका बदल चुका है और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंच बनाना जरूरी है। उनके अनुसार, युवाओं की अपेक्षाओं और विचारों को समझकर ही बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकता है।

परिवारों को भी समझनी होगी नई पीढ़ी की सोच

प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि बदलते समय में अभिभावकों को भी युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि Gen-Z अधिक जागरूक है और अपनी बात रखने के लिए नए माध्यमों का इस्तेमाल करती है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और अनुशासन भी जरूरी है।

बीजेपी नेताओं ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और उनकी चिंताओं को समझने के लिए सरकार, समाज और परिवारों के बीच बेहतर संवाद आवश्यक है।

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