अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आज दोपहर 3 बजे ट्रस्ट के गेस्ट हाउस में आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे, जबकि संचालन की जिम्मेदारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी निभाएंगे।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने हाल ही में अपने पदों से इस्तीफा दिया है। दोनों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। ट्रस्ट के सदस्य बहुमत के आधार पर तय करेंगे कि उनके इस्तीफे स्वीकार किए जाएं या नहीं।
इन प्रमुख मुद्दों पर रहेगी नजर
बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनमें शामिल हैं:
- चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर निर्णय।
- एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की समीक्षा।
- ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उपाय।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय और वित्तीय विवरण पर विचार।
- अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा।
बैठक संचालन में बदलाव
अब तक ट्रस्ट की बैठकों का संचालन महासचिव करते रहे थे, लेकिन चंपत राय के इस्तीफे के बाद यह जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को सौंपी गई है। सामान्य परिस्थितियों में बैठक बुलाने का अधिकार महासचिव के पास होता है, हालांकि विशेष परिस्थितियों में अन्य पदाधिकारी भी यह जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
ट्रस्ट के नियम क्या कहते हैं?
ट्रस्ट के नियमों के अनुसार किसी ट्रस्टी को पद से हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है। अंतिम निर्णय से पहले संबंधित सदस्य को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। यदि कोई पद रिक्त होता है, तो नए ट्रस्टी की नियुक्ति भी ट्रस्ट बोर्ड द्वारा दो-तिहाई बहुमत से की जाती है।
ट्रस्ट में रिक्त पदों पर भी हो सकती है चर्चा
वर्तमान में ट्रस्ट में अधिकतम 15 सदस्य हो सकते हैं। एक पद पहले से रिक्त है और यदि चंपत राय तथा अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं, तो दो और पद खाली हो जाएंगे। ऐसे में भविष्य में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।


