लखनऊ: मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने बिजली कनेक्शन और बिल वसूली में लापरवाही बरतने के आरोप में आठ इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है। निगम की प्रबंधन टीम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या सिस्टम की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एमडी रिया केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि निगम की कार्यशैली और जनता को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करें।
सस्पेंड किए गए इंजीनियरों में एक्सईएन नीरज कुमार, एई अमित कुमार, एई अनुभव कुमार सिंह, एई प्रशांत कुमार गिरी, एई अमित कुमार, जेई दिनेश कुमार, जेई रविंद्र कुमार और जेई दीपक पांडेय शामिल हैं। यह कार्रवाई बिजली कनेक्शन और बिल वसूली में व्यवधान और लापरवाही के मामलों की जांच के बाद की गई है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल नियमों के उल्लंघन को रोकने और विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इससे अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश जाएगा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
MD रिया केजरीवाल ने यह भी कहा कि निगम के पास जनता को बेहतर सेवा देने और बिजली वितरण में पारदर्शिता बनाए रखनेके लिए कई सुधारात्मक योजनाएं हैं। सस्पेंड किए गए कर्मचारियों की जिम्मेदारियों का कार्य अन्य अधिकारी अस्थायी रूप से संभालेंगे ताकि सेवा में किसी भी तरह की बाधा न आए।
इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के मामले में पूरी तरह गंभीर है। भविष्य में भी निगम ऐसे किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
