उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों पर प्रसारित हो रही भ्रामक खबरों के बीच उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने स्थिति स्पष्ट की है। निगम का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर कोई नया आर्थिक बोझ नहीं डाला गया है और सिक्योरिटी राशि की वसूली पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है।
यूपीपीसीएल के अनुसार, पहले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रीपेड प्रणाली के तहत रखा गया था। उस दौरान उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी राशि को उनके बकाया बिजली बिलों में समायोजित कर दिया गया था। जिन उपभोक्ताओं पर कोई बकाया नहीं था, उनकी सिक्योरिटी राशि प्रीपेड खाते में रिचार्ज के रूप में जमा कर दी गई थी।
बाद में उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को फिर से पोस्टपेड व्यवस्था में शामिल कर दिया गया। ऐसे में जो सिक्योरिटी राशि पहले समायोजित या वापस की गई थी, वही अब नियमानुसार दोबारा जमा कराई जा रही है। यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया कि इसे नया शुल्क या स्मार्ट मीटर के कारण लगाया गया अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताना गलत और भ्रामक है।
चार किस्तों में जमा होगी सिक्योरिटी राशि
उपभोक्ताओं पर एकमुश्त वित्तीय भार न पड़े, इसके लिए सिक्योरिटी राशि को चार समान मासिक किस्तों में वसूलने का निर्णय लिया गया है। पहली किस्त जून 2026 की बिजली खपत के बिल में शामिल की गई थी, जो जुलाई 2026 में जारी हुआ। शेष तीन किस्तें आगामी मासिक बिलों में स्वतः जोड़ दी जाएंगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी।
पोस्टपेड व्यवस्था जारी रहेगी
यूपीपीसीएल ने बताया कि वर्तमान में सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को नियमित पोस्टपेड मासिक बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं। भविष्य में दिए जाने वाले नए बिजली कनेक्शन भी पोस्टपेड व्यवस्था के तहत ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
डिजिटल माध्यमों से मिल रही बिल की सुविधा
उपभोक्ता अपना बिजली बिल यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप, विभागीय वेबसाइट, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है या गलत दर्ज है, वे अधिकृत व्हाट्सएप चैटबॉट, नजदीकी बिजली कार्यालय या 1912 हेल्पलाइन के जरिए बिल प्राप्त कर सकते हैं।
बिजली बिल का भुगतान भी यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप, विभागीय वेबसाइट, विभागीय काउंटर, जन सेवा केंद्र (CSC), विद्युत सखी और अन्य अधिकृत डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए किया जा सकता है।
अफवाहों से बचने की अपील
यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर और सिक्योरिटी राशि से जुड़ी अपुष्ट या भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें। निगम ने कहा कि केवल यूपीपीसीएल और संबंधित वितरण निगमों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें तथा हर महीने समय पर बिजली बिल डाउनलोड कर निर्धारित तिथि तक उसका भुगतान करें।


