लखनऊ लोकबंधु अस्पताल में दर्दनाक घटना, नवजात की मौत के बाद परिजनों ने उठाए सवाल

shikha verma
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परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी, जिसके कारण स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

11 घंटे तक इलाज में देरी का आरोप

जानकारी के मुताबिक, आशियाना क्षेत्र की रहने वाली कीर्ति पाल को रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने के बाद लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद महिला को लेबर वार्ड में रखा गया, लेकिन करीब 11 घंटे तक डॉक्टरों और स्टाफ की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि समय रहते सामान्य प्रसव या ऑपरेशन को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया गया।

वार्ड में प्रसव होने का दावा

परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह महिला को लेबर रूम में ले जाने की तैयारी चल रही थी, तभी वार्ड में ही प्रसव हो गया। उनका आरोप है कि इस दौरान नवजात नीचे गिर गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने घटना से जुड़े CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग की है।

अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग पर नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

लोकबंधु अस्पताल के कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी, जिसके कारण स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

11 घंटे तक इलाज में देरी का आरोप

जानकारी के मुताबिक, आशियाना क्षेत्र की रहने वाली कीर्ति पाल को रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने के बाद लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद महिला को लेबर वार्ड में रखा गया, लेकिन करीब 11 घंटे तक डॉक्टरों और स्टाफ की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि समय रहते सामान्य प्रसव या ऑपरेशन को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया गया।

वार्ड में प्रसव होने का दावा

परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह महिला को लेबर रूम में ले जाने की तैयारी चल रही थी, तभी वार्ड में ही प्रसव हो गया। उनका आरोप है कि इस दौरान नवजात नीचे गिर गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने घटना से जुड़े CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग की है।

अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग पर नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

लोकबंधु अस्पताल के कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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