बिहार के बांका जिले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपति और उनके दो बच्चों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, परिवार के पास भारत में प्रवेश और निवास से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चारों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
क्या है मामला?
यह कार्रवाई बांका जिले के जमदाहा ओपी क्षेत्र स्थित राधा-कृष्ण मंदिर (ठाकुरबाड़ी) से की गई। मंदिर के संचालक को परिवार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ शुरू की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दंपति ने स्वयं को बांग्लादेश का नागरिक बताया। जांच में उनके पास भारत में रहने या प्रवेश से जुड़े वैध वीजा अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले।
पूछताछ में सामने आई पहचान
पुलिस के मुताबिक, पुरुष ने अपना नाम मिल्टन हल्दर, निवासी बरिशाल (बांग्लादेश) और महिला ने अपना नाम झुमारानी दास, निवासी मुन्सिगंज, ढाका (बांग्लादेश) बताया। दंपति ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि बांग्लादेश में परिस्थितियों और अपने परिवार की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उन्होंने भारत आने का निर्णय लिया।
अवैध रूप से सीमा पार करने का दावा
पुलिस के अनुसार, दंपति ने पूछताछ में बताया कि करीब ढाई महीने पहले उन्होंने एक दलाल की मदद से अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार की। इसके बाद वे पश्चिम बंगाल पहुंचे और फिर उत्तर प्रदेश के वृंदावन में कुछ समय तक विभिन्न मंदिरों में रहे। बाद में वे बिहार के बांका जिले के जमदाहा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचे, जहां पिछले तीन दिनों से ठहरे हुए थे।
जांच जारी
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि परिवार ने भारत में किस मार्ग से प्रवेश किया और क्या इस मामले में किसी स्थानीय व्यक्ति या अवैध नेटवर्क की भूमिका रही है। मामले की जानकारी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी भेजी जा रही है। फिलहाल चारों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।


