एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद अब इस पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधेयक पारित होने के बाद एक वीडियो संदेश जारी कर इसे परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं।
सपा ने उठाया सदन में मौजूदगी का मुद्दा
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि जब यह महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किया गया और इस पर चर्चा हो रही थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री को सदन में मौजूद रहना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस कानून को परीक्षा सुधार के लिए महत्वपूर्ण मानती है, तो शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी भी जरूरी थी।
रामगोपाल यादव ने भी रखी राय
सपा के राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि यदि सरकार का उद्देश्य अपराधियों पर कार्रवाई करना है तो यह अच्छी बात है। उन्होंने वंदे मातरम से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस विषय पर विवाद नहीं होना चाहिए।
राम मंदिर दान मामले पर भी बीजेपी को घेरा
सपा नेताओं ने इस दौरान राम मंदिर से जुड़े दान मामले को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इससे जुड़े किसी भी विवाद की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
पीएम मोदी ने बताया परीक्षा सुधार की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधेयक पारित होने के बाद जारी वीडियो संदेश में कहा कि यह कानून देश में भरोसेमंद और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों और पेपर लीक जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया है।


