CM योगी का बड़ा फैसला, कृषक छात्रवृत्ति योजना का बढ़ेगा दायरा; किसानों के बच्चों को मिलेगा लाभ

shikha verma
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के मेधावी बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए, ताकि किसान परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकें।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसान कल्याण, कृषि विपणन व्यवस्था, मंडियों के आधुनिकीकरण और वर्ष 2026-27 के बजट समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मंडियों के आधुनिकीकरण और पुनरोद्धार पर जोर देते हुए कहा कि सभी मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, जिससे किसानों को बेहतर, पारदर्शी और सुविधाजनक विपणन व्यवस्था मिल सके।

उन्होंने मंडियों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही मंडी परिसरों में पीपीपी मॉडल के तहत कृषि प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने और नियमों को निवेश के अनुकूल बनाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

ई-नाम और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक मंडियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए। इसके अलावा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने और प्रत्येक जिले में जैविक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

मंडी समितियों की आय में 15.79 प्रतिशत की वृद्धि

बैठक में वर्ष 2025-26 के संशोधित आय-व्यय अनुमान और वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दी गई। वर्ष 2026-27 के लिए ₹2228.59 करोड़ की अनुमानित प्राप्तियों और ₹3025.49 करोड़ के व्यय प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश की मंडी समितियों की आय वर्ष 2024-25 में ₹1991.33 करोड़ थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹2305.80 करोड़ हो गई। इसमें 15.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

बजट में मंडी स्थलों के निर्माण एवं विस्तार, संपर्क मार्गों की मरम्मत, ग्रामीण हाट, किसान बाजार, गोवंश आश्रय स्थल, छात्रावास निर्माण, भूमि क्रय और अन्य विकास कार्यों के लिए प्रावधान किए गए हैं। पहले से स्वीकृत निर्माण कार्यों को गति देने के लिए ₹1212.02 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

किसान सहायता योजनाओं की अवधि बढ़ी

संचालक मंडल ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि बढ़ाकर 30 जून 2030 तक कर दी है।

इन योजनाओं के संचालन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे दुर्घटना या खेत-खलिहान में आग लगने जैसी घटनाओं में किसानों और उनके परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

दलहन और तिलहन खरीद व्यवस्था को मिलेगा बल

बैठक में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत दलहन और तिलहन की खरीद व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री ने पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान हित से जुड़े सभी कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

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