मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री खरदौनी गांव के जंगल में एक घर के अंदर अलमारी के नीचे बने तहखाने में संचालित हो रही थी।
मंगलवार देर रात थाना इंचौली पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस गैंग के मास्टरमाइंड इमरान सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह में एक बीसीए का छात्र भी शामिल था, जो हथियारों की सप्लाई करता था।
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी इमरान पहले भी अवैध हथियार फैक्ट्री चलाने के आरोप में साल 2000 में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क खड़ा किया और बड़े पैमाने पर तमंचे बनाने लगा।
भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। इनमें तैयार और अधबने तमंचे, स्प्रिंग, नाल, ड्रिल बिट, वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर, आरी, रिंच और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं।
गैंग की कार्यप्रणाली
पुलिस के अनुसार, इमरान हथियार बनाने का काम करता था, जबकि उसके साथी सप्लाई और नेटवर्क संभालते थे। 19 वर्षीय बीसीए छात्र उमंग ठाकुर ऑन-डिमांड हथियारों की डिलीवरी करता था।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
एसपी देहात अभिजीत कुमार के मुताबिक, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अवैध असलाह की सप्लाई कर रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

