अवैध खनन और बिजली तार बने जानलेवा, हाथी की करंट से मौत

shikha verma
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झारखंड के सरायकेला जिले के कुकड़ू प्रखंड में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ तिरुलडीह और सपारूम गांव के बीच जंगल में एक जंगली हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी का शव सपारूम गांव के जंगल में मिला, जहाँ बड़े पैमाने पर अवैध बालू का भंडारण किया गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध बालू खनन और लगातार ट्रकों की आवाजाही के कारण हाथियों का पारंपरिक कॉरिडोर बाधित हो गया है, जिससे वन्यजीव भटककर खतरनाक क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि हाथी की मौत अवैध रूप से बिछाए गए बिजली के तार से करंट लगने के कारण हुई हो सकती है।

यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह वन्यजीव संरक्षण कानून का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध बालू भंडारण और कॉरिडोर में हो रहे अतिक्रमण की जानकारी होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई।

इस मामले पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि प्रारंभिक जांच में करंट से मौत की आशंका है और बिजली विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि यदि अवैध तार की पुष्टि होती है तो दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में इसी क्षेत्र में हाथियों की मौत की यह तीसरी घटना है, जिससे दलमा वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और हाथियों के कॉरिडोर को अतिक्रमण व अवैध गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त किया जाए।

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