अब भी सेमीफ़ाइनल की उम्मीद — पाकिस्तान की किस्मत न्यूज़ीलैंड-श्रीलंका मैचों पर टिकी!

Bole India
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कंडी (श्रीलंका), 25 फ़रवरी 2026: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में पाकिस्तान की सेमीफ़ाइनल की राह अब भी खत्म नहीं हुई है, लेकिन अब उसका मुक़द्दर पूरी तरह उसके हाथ में नहीं रहा. इंग्लैंड के हाथों करीबी हार के बाद पाक गेंदबाज़ों तथा बल्लेबाज़ों के मिश्रित प्रदर्शन के बावजूद टीम को केवल 1 पॉइंट मिला है और 28 फ़रवरी को श्रीलंका के खिलाफ आख़िरी सुपर-8 मैच को “मस्ट विन” स्थिति में बदल दिया है.

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक की शानदार शतकीय पारी (100 रन) ने इंग्लैंड को 165 का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कराते हुए सेमीफ़ाइनल की टिकट पक्की कर दी है, जबकि पाकिस्तान अब केवल आंकड़ों पर उम्मीदें टका सकता है. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 164/9 रन बनाए जिसमें साहिबज़ादा फ़रहान की 63 रन की पारी सबसे उल्लेखनीय रही.

सेमीफ़ाइनल योग्यता के समीकरण

1️⃣ पाकिस्तान को श्रीलंका पर जीत चाहिए

पाकिस्तान की सेमीफ़ाइनल की राह तभी खुल सकती है जब वह अपने आख़िरी समूह मैच में श्रीलंका को हराएगा, जिससे उसके अंक 3 हो जाएंगे.

2️⃣ न्यूज़ीलैंड को दोनों मैच हारने होंगे

सबसे साफ़ रास्ता यह है कि न्यूज़ीलैंड अपने दोनों बचे मैच श्रीलंका और इंग्लैंड से हार जाए. इस स्थिति में न्यूज़ीलैंड केवल 1 पॉइंट के साथ रह जाएगा और पाकिस्तान 3 पॉइंट के साथ उनसे ऊपर चला जाएगा, जिससे वह सेमीफ़ाइनल में स्थान पक्का कर लेगा.

3️⃣ नेट रन रेट निर्णायक बने

अगर न्यूज़ीलैंड एक मैच जीतता और एक मैच हारता है, तो पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड दोनों के 3-3 अंक होंगे. ऐसे में नेट रन रेट (NRR) निर्णायक होगा. पाकिस्तान को बड़ी अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और उम्मीद करनी होगी कि न्यूज़ीलैंड की NRR खराब रहे

4️⃣ पाकिस्तान का सीधा कट जाना

अगर पाकिस्तान श्रीलंका से हार जाता है या उसका मैच रद्द होता है, तो वह सीधे सेमीफ़ाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा. यह सबसे कड़वा परिदृश्य है जिसमें उसकी जीत की संभावनाएँ लगभग खत्म हो जाएँगी.

पाकिस्तान की स्थिति का विश्लेषण

पाकिस्तान ने अपने सुपर-8 के पहले मैच में न्यूज़ीलैंड के साथ बारिश के कारण 1-1 पॉइंट साझा किया और इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद उसकी स्थिति तंग हो गई. अब टीम के लिए हारना मना है — और वह खुद के अलावा अन्य परिणामों पर भी निर्भर है.

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक अवसर खो दिए, खासकर पावरप्ले के बाद पारी को और ऊँचा नहीं ले जाने के लिए आलोचना हुई. वहीं, ब्रूक की शतकीय पारी इंग्लैंड की मजबूत रणनीति का प्रतीक रही.

अब क्या?

अब पाकिस्तान का भविष्य पूरी तरह से श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड के नतीजों पर टिका हुआ है. 28 फ़रवरी को श्रीलंका के खिलाफ आख़िरी मैच रोमांचक बनेगा, और पाकिस्तान की सेमीफ़ाइनल की कहानी अभी समाप्त नहीं हुई है.

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