मशहूर हरियाणवी डांसर और ‘बिग बॉस 11’ फेम सपना चौधरी ने अपने पति वीर साहू पर घरेलू हिंसा और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में उन्होंने अदालत का रुख किया, जिसके बाद द्वारका महिला कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में उनके पक्ष में अंतरिम सुरक्षा आदेश जारी किया है।
कोर्ट ने दिया अंतरिम संरक्षण
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सुनवाई की अगली तारीख तक सपना चौधरी के पति को उनसे किसी भी तरह संपर्क करने, उनके घर या कार्यस्थल पर जाने या किसी प्रकार की हिंसा करने से रोका जाता है। अदालत ने प्रोटेक्शन ऑफिसर और संबंधित थाने को आदेश के अनुपालन और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
अदालत में पेश किए गए सबूत
मामले की सुनवाई के दौरान सपना चौधरी की ओर से कथित चोटों की तस्वीरें और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अदालत ने प्रारंभिक स्तर पर इन सबूतों को देखते हुए समन जारी करने और अंतरिम राहत देने के लिए पर्याप्त आधार माना।
सपना की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि घरेलू हिंसा की घटनाओं से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और पेशेवर जीवन प्रभावित हो रहा था, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
आरोप और शिकायत
याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके पति ने कई बार उनके साथ मारपीट की और सार्वजनिक रूप से विवाद की स्थिति पैदा की। इन घटनाओं के बाद उन्होंने अपने बच्चों के साथ घर छोड़ दिया और कानूनी संरक्षण की मांग की।
अगली सुनवाई की तारीख तय
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। मामले की आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्कों पर विचार किया जाएगा।
सपना चौधरी और वीर साहू ने वर्ष 2020 में कोर्ट मैरिज की थी। दोनों के दो बच्चे हैं। सपना चौधरी ‘बिग बॉस 11’ समेत कई रियलिटी शो और स्टेज परफॉर्मेंस के जरिए लोकप्रिय हुई हैं।


